FIR Registered Against Bharatiya Kisan Union Yuva: प्रयागराज में किसानों के मुद्दों को लेकर संगम तट पर जल सत्याग्रह कर रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जल सत्याग्रह के बीच प्रयागराज विकास प्राधिकरण की जांच के आधार पर अनुज सिंह और उनके साथियों के खिलाफ एक साथ आठ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। सभी मुकदमे एयरपोर्ट थाने में दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

जल सत्याग्रह के बीच भाकियू (युवा) अध्यक्ष अनुज सिंह पर पीडीए का शिकंजा, एक साथ 8 एफआईआर दर्ज​
जल सत्याग्रह के बीच भाकियू (युवा) अध्यक्ष अनुज सिंह पर पीडीए का शिकंजा, एक साथ 8 एफआईआर दर्ज​

सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप

पीडीए की ओर से दर्ज कराए गए मामलों में आरोप लगाया गया है कि अनुज सिंह और उनके सहयोगियों ने बिना स्वीकृत नक्शे के अवैध प्लाटिंग की, दूसरे की जमीन पर प्लाटिंग शुरू कराई तथा विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए धरनाप्रदर्शन किया गया और सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाई गई। सभी मामलों में संबंधित क्षेत्र के लेखपाल वादी बनाए गए हैं।

किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह पर बैठे अनुज सिंह

उधर, अनुज सिंह 2 जुलाई से संगम तट पर किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह पर बैठे हैं। उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, भूमाफियाओं पर कार्रवाई समेत किसानों और आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।

इससे पहले उन्होंने प्रदेश सरकार को संबोधित 20 सूत्रीय ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा था। मामला दर्ज होने के बाद अनुज सिंह नेे बताया कि प्रयागराज के एयरपोर्ट थाने पर ने इस आधार पर मुकदमा दर्ज किया है कि प्लाटिंग पर मौजूद लोगों ने मौखिक तौर पर पीडीए के अधिकारियों को बताया कि यह प्लाटिंग अनुज सिंह का है। आगे इनका कहना है कि प्राधिकरण के अधिकारी कागज देखना भी मुनासिब नहीं समझे।

आठ एफआईआर दर्ज

एक ओर किसान संगठन इसे जनहित और किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पीडीए की कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। लगातार दर्ज हुई आठ एफआईआर ने आंदोलन के बीच माहौल और गरमा दिया है।

फिलहाल सभी मुकदमों की विवेचना कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भाकियू की ओर से संकेत दिए गए हैं कि संगठन आंदोलन जारी रखेगा और दर्ज मुकदमों का कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।