प्रेमानंद महाराज के शिष्य रहे रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. पुलिस के अनुसार, रसिक दुलारी शरण मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले थे और आश्रम में रहकर साधु सेवा के साथ बिजली से संबंधित कार्य भी करते थे. 25 सितंबर को उनके चौथी मंजिल से गिरने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

मामले की जांच को लेकर सीओ संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए 5 टीमें गठित की हैं. ये टीमें अलगअलग पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही हैं. घटना से जुड़े CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है और रसिक दुलारी शरण के घटनास्थल से पहले और बाद के मूवमेंट को कैमरों के जरिए ट्रेस किया जा रहा है.
पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 50 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो रसिक दुलारी शरण के साथ रहते थे या जिनका उनसे नियमित रूप से संपर्क और आनाजाना था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले उनके संपर्क में कौनकौन लोग थे और उस दौरान क्या गतिविधियां हुईं.
आश्रम से मिल रहा सहयोग
सीओ संदीप कुमार के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को जिन सूचनाओं, दस्तावेजों अथवा अन्य सामग्री की आवश्यकता पड़ रही है, वह आश्रम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है. पुलिस आश्रम से मिले इनपुट और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है.
दूसरे CCTV में दिख रहे साधक से भी पूछताछ
मामले में सामने आए एक अन्य CCTV फुटेज के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है. फुटेज में एक अन्य साधक ऊपर की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है. पुलिस अब फुटेज में नजर आ रहे इस व्यक्ति की भी पहचान और भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है.
पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, पूछताछ और फोरेंसिक जांच समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों को एक साथ जोड़कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.



