Chhatarpur News: छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे में एक दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. युवक की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बुधवार शाम तहसील चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही लकड़ियां रखकर चिता बना दी और चक्काजाम कर दिया. इससे मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. करीब 6 घंटे से अधिक समय तक जाम जारी रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मृतक के परिजनों ने कुछ लोगों पर मारपीट करने और जबरन जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है. उनकी मांग है कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो.

मजदूरी के पैसों को लेकर हुआ था विवाद
मृतक की पहचान धर्मपाल अहिरवार के रूप में हुई है. वह नौगांव के नया मोहल्ला, वार्ड नंबर 18 का रहने वाला था और स्थानीय सब्जी मंडी में मजदूरी करता था. उसकी पत्नी उषा अहिरवार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 22 अक्टूबर 2026 को मजदूरी के पैसे मांगने को लेकर विवाद हुआ था.
शिकायत के मुताबिक, धर्मपाल ने जब जीतू उर्फ जितेंद्र साहू और उसके मातापिता से अपनी मजदूरी के पैसे मांगे तो उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया. आरोप है कि इसके बाद धर्मपाल के साथ लाठीडंडों से मारपीट की गई. इस घटना में उसे गंभीर चोटें आईं. इसके बाद धर्मपाल ने नौगांव थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी.
केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, मारपीट का मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पक्ष धर्मपाल पर समझौता करने का दबाव बना रहा था. 27 अक्टूबर को धर्मपाल को बातचीत के बहाने एक दुकान पर बुलाया गया. वहां उससे दर्ज मुकदमे में राजीनामा करने के लिए कहा गया. परिजनों का दावा है कि धर्मपाल ने मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद उसके साथ फिर से गालीगलौज और मारपीट की गई. आरोप है कि इसी दौरान उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया गया.
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
जहरीला पदार्थ पिलाए जाने के बाद धर्मपाल की तबीयत बिगड़ गई. उसे गंभीर हालत में नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया. जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 27 अक्टूबर की रात धर्मपाल की मौत हो गई. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. वहीं शव नौगांव पहुंचने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.
तहसील चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम
बुधवार शाम परिजन, मोहल्ले के लोग और समाज के अन्य सदस्य धर्मपाल का शव लेकर तहसील चौराहे पर पहुंच गए. उन्होंने शव को सड़क के बीच रखकर विरोध प्रदर्शन किया. गुस्साए लोगों ने सड़क पर लकड़ियां रखकर चिता भी बना दी. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपी जीतू साहू और उसके सहयोगियों की तत्काल गिरफ्तारी व हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की. जाम के कारण झांसीखजुराहो मार्ग समेत आसपास के संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ. वाहनों की लंबी कतारें लगने से राहगीरों और अन्य यात्रियों को काफी परेशानी हुई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए नौगांव थाना पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया. प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे परिजनों से लगातार बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे. अधिकारियों की ओर से निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, परिजन तत्काल गिरफ्तारी और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे.


