Himachal Se: VaranasiKolkata Expressway: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से जोड़ने की योजना तैयार कर ली गई. इससे 1314 घंटे का सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा हो जाएगा. इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को लेकर जमीन स्तर पर काम शुरू हो गया है. यह 601 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे चार राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड से होते हुए पश्चिम बंगाल तक पहुंचेगा. इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन भी बचेगा. इस एक्सप्रेसवे का मामला पर्यावरण विभाग के क्लीयरेंस के चलते अटका हुआ था, जिसे केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है.

4 राज्य, 601KM, 7 घंटे में पूरा होगा सफर… काशी से कोलकाता के बीच बन रहा हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे; जानिए पूरा रूट​
4 राज्य, 601KM, 7 घंटे में पूरा होगा सफर… काशी से कोलकाता के बीच बन रहा हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे; जानिए पूरा रूट​

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल फरवरी 2024 में इस हाईस्पीड एक्सप्रेसवे की नींव रखी थी. उम्मीद है कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से वाराणसी से कोलकाता के बीच का सफर पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक और तेज हो जाएगा. यह रास्ता बिहार और झारखंड के प्रमुख कस्बों से होकर गुजरेगा. इसे एक एक्सेसकंट्रोल्ड कॉरिडोर के तौर पर विकसित किया जा रहा है.

200 किमी के निर्माण को मिली मंजूरी

NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी ने NHAI को झारखंड और पश्चिम बंगाल के 200 किलोमीटर के हिस्से पर निर्माण को मंजूरी दे दी है. इससे इसे प्रोजेक्ट गति मिली है. इस एक्सप्रेसवे पर यूपी के यात्री वाराणसी रिंग रोड और नेशनल हाईवे19 के जंक्शन पर स्थित रेवासा गांव से चढ़ पाएंगे. इसका निर्माण कार्य एक साल पहले शुरू हुआ था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे वाराणसी से चंदौली होते हुए बिहार के कैमूर जिले में एंट्री करेगा.

क्या होगा रूट?

कैमूर से रोहतास, औरंगाबाद और गया होते हुए झारखंड के चतरा में तक पहुंचेगा. इसके बाद चतरा से हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो होते हुए पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक्सप्रेसवे का प्रवेश होगा. पश्चिम बंगाल में पुरुलिया से होकर बांकुरा, मेदिनीपुर और हावड़ा होते हुए कोलकाता पर एक्सप्रेसवे खत्म हो जाएगा. इसके निर्माण में कुल 9250 करोड़ की लागत आने का अनुमान है.