Kanpur Crime News: कानपुर के थाना गुजैनी क्षेत्र से साइबर ठगी की एक बेहद चौंकाने वाली वारदात सामने आई है. गुजैनी के आंबेडकर नगर निवासी प्रेमदत्त शर्मा, जो शहर के जीएन इंटर कॉलेज से शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, साइबर ठगों की 3 साल लंबी साजिश का शिकार बन गए. बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी रकम और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर शातिर अपराधियों ने किस्तों में उनसे 43.15 लाख रुपये ठग लिए.

पीड़ित शिक्षक प्रेमदत्त शर्मा अपनी पत्नी के साथ गुजैनी स्थित मकान में रहते हैं, जबकि उनका एक बेटा नोएडा में और दूसरा बेटा लखनऊ में सरकारी नौकरी में कार्यरत है. पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने 2023 में मेडलाइफ नामक कंपनी की एक पॉलिसी ले रखी थी, जो साल 2026 में पूरी होनी थी. 2024 के मध्य में उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया. खुद को कंपनी का एजेंट बताने वाले व्यक्ति ने पॉलिसी में नुकसान न होने का झांसा देकर 36,000 रुपये ऐंठ लिए.
इसके कुछ समय बाद एक महिला साइबर ठग का फोन आया. उसने दावा किया कि यदि वे 2,59,000 रुपये और जमा कर देते हैं, तो मैच्योरिटी पर उन्हें कुल 65 लाख रुपये मिलेंगे. शिक्षक द्वारा खाते में केवल 1.5 लाख रुपये होने की बात कहने पर महिला ने फिलहाल उतनी ही रकम जमा करा ली और बाकी बाद में देने की बात कही.
भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और फर्जी नोटिस का डर
ठगों ने शिक्षक को मानसिक रूप से अपने दबाव में लेने के लिए तरहतरह के हथकंडे अपनाए. करीब 8 महीने बाद महिला ठग ने फिर फोन किया और कहा कि बाकी रकम जमा न करने से उसकी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी तथा उनकी पॉलिसी भी लैप्स हो जाएगी. उसने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी WhatsApp पर भेजी. घबराकर शिक्षक ने कहीं से रुपयों का इंतजाम कर ठगों के बताए खाते में भेज दिए.
मई 2026 में पीड़ित को एक फर्जी नोटिस भेजा गया, जिसमें लिखा था कि उनकी पॉलिसी का मामला ‘बीमा विनियामक आयोग’ चला गया है और वहां से फैसले के बाद ही तय होगा कि रकम मिलेगी या नहीं. इसके बाद टीडीएस जमा करने के नाम पर फिर से पैसों की डिमांड की गई.
बैंक मैनेजर की सतर्कता से खुला 43 लाख का राज
8 जून तक डराधमकाकर शिक्षक से 43.15 लाख रुपये ऐंठ लिए गए. जब ठगों ने और पैसों की मांग की, तो शिक्षक अपनी जमा एफडी तोड़ाने बैंक पहुंचे. बैंक में तैनात एक परिचित मैनेजर ने एफडी तोड़ाने का कारण पूछा. जब शिक्षक ने पूरी आपबीती सुनाई, तो मैनेजर को साइबर फ्रॉड का संदेह हुआ. उन्होंने सभी संबंधित नंबरों की जांच की, जिससे स्पष्ट हुआ कि शिक्षक एक बड़े साइबर अपराध के शिकार हो चुके हैं.
पीड़ित ने तुरंत गुजैनी थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी. गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित के फोन पर आए नंबरों, ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग और फर्जी नोटिसों को सुरक्षित कर लिया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है.



