Kota News: राजस्थान के कोटा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. यहां चंबल नदी की दाईं मुख्य नहर में नाव पलटने से चार बच्चे पानी में डूब गए. हादसे के समय नाव पर कुल सात बच्चे सवार थे. इनमें से तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि चार बच्चे पानी में बह गए. गोताखोरों, SDRF, नगर निगम और सिविल डिफेंस की टीम ने बच्चों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जिला कलेक्टर पीयूष समरिया, SP तेजस्विनी गौतम और शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर भी मौके पर पहुंचे. उधर, हादसे के बाद बच्चों के परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है.

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए नाव पर सवार हुए थे बच्चे

जानकारी के मुताबिक, कोटा के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र के संजय नगर के सात बच्चे दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए चंबल की दाईं मुख्य नहर पर पहुंचे थे. बताया जा रहा कि हादसा बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड के नजदीक स्टील ब्रिज के पास हुआ. बच्चे स्थानीय नाव पर सवार होकर पानी के बीच पहुंचे थे. इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. नाव पलटते ही सभी बच्चे पानी में गिर गए. तीन बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन चार पानी के तेज बहाव में बह गए. शुरुआती जानकारी में डूबने वाले बच्चों के नाम केशु, गोलू, सुरेश और राहुल बताए गए हैं.

गोताखोरों और SDRF की टीम ने संभाला मोर्चा

हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. SDRF, नगर निगम के गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीम ने नहर में बच्चों की तलाश शुरू की. जिला कलेक्टर पीयूष समरिया और SP तेजस्विनी गौतम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की. मंत्री मदन दिलावर भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. मौके पर मौजूद परिजन अपने बच्चों की सलामती की उम्मीद में परेशान नजर आए. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने में देरी हुई.

2 दिन पहले ही नहर में छोड़ा गया था पानी

चंबल की दाईं मुख्य नहर में करीब दो दिन पहले पानी छोड़ा गया था. इसमें लगभग 2,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की बात सामने आई है. ऐसे में नहर में पानी के बीच नाव पलटने से बच्चों की तलाश में बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इस घटना ने विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी.

SP बोलीं निर्धारित जगह पर ही करें विसर्जन

कोटा शहर की SP तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब बच्चे नाव से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे थे. पानी के बीच नाव का संतुलन बिगड़ने से वह पलट गई. उन्होंने कहा कि विसर्जन के लिए निर्धारित स्थान पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं. वहां गोताखोर और SDRF की टीम भी तैनात रहती है. इसके बावजूद कुछ लोग कम दूरी या अन्य कारणों से दूसरी जगहों पर विसर्जन करने पहुंच जाते हैं. SP ने ऐसी जगहों पर विसर्जन करने से बचने की अपील की और कहा कि प्रशासन बच्चों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.

मंत्री बोले त्योहार के दिन मातम में बदली खुशियां

शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि त्योहार के दिन मातम छा गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, सात लोग ऐसी नाव पर सवार होकर विसर्जन के लिए निकले थे, जिसे सुरक्षित नहीं माना जा रहा था. उन्होंने कहा कि संबंधित नावों के इस्तेमाल को लेकर पहले भी मना किया गया था. मंत्री ने यह भी कहा कि बच्चे बिना सूचना दिए प्रतिबंधित क्षेत्र में विसर्जन करने पहुंचे थे. प्रशासन की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं और बच्चों को तलाशने की कोशिश की जा रही है.