Nepal flood : नेपालतिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में अब तक 210 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 207 मौतें नेपाल और 3 तिब्बत में हुई हैं। वहीं, करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, नेपाल में कुल 826 लोगों के लापता होने की जानकारी है। इनमें 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। खराब मौसम और कई रास्तों के टूट जाने की वजह से लापता लोगों की तलाश में राहत टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत ने नेपाल भेजी राहत सामग्री की दूसरी खेप, 37.5 टन सामान रवाना

A second flight has just taken off, carrying 37.5 tonnes of HADR material, medicines & food packets for Nepal.

India remains in close and continuous touch with the Nepalese authorities. We will continue to strongly support the ongoing relief efforts.

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— Dr. S. Jaishankar August 27, 2026

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी है। भारतीय वायुसेना के विमान से भेजी गई इस खेप में 37.5 टन जरूरी सामान, दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल हैं। इससे पहले बुधवार रात भारत ने C130J विमान के जरिए नेपाल को 10 टन राहत सामग्री और आवश्यक दवाइयों की पहली खेप भेजी थी। दोनों खेप को मिलाकर भारत अब तक नेपाल को कुल 47.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। भारत सरकार ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के लगातार संपर्क में है। बाढ़ से प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और राहतबचाव अभियान में हर संभव सहायता जारी रखी जाएगी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के तेज बहाव में 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। इसके अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। कई वाहन भी पानी के तेज बहाव में बह गए। नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

139 भारतीय नागरिक भी लापता

इस आपदा के बाद नेपाल में बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। इनमें 139 भारतीय नागरिकों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है।

यूपीबिहार में भी बढ़ी सतर्कता

नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। गंडक, नारायणी और कोसी जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

India’s HADR and medical assistance has reached Kathmandu.

More assistance is being mobilised to support relief efforts.

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— Dr. S. Jaishankar August 26, 2026

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर समेत सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है। वहीं, बिहार के संवेदनशील इलाकों में भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के 6 जिलों में खास सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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PM मोदी ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया

प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाहसँग कुराकानी गरेँ र नेपालमा आएको बाढीका कारण ज्यान गुमाउनेहरूप्रति समवेदना व्यक्त गरेँ। यस कठिन समयमा भारतका जनता नेपालका आफ्ना दिदीबहिनी तथा दाजुभाइहरूसँग ऐक्यबद्ध भई साथै उभिएका छन्।

भारत नेपाललाई सम्भव भएसम्मका सबै प्रकारका मानवीय सहायता उपलब्ध…

— Narendra Modi August 26, 2026

नेपाल में पैदा हुए इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में भारत के लोग नेपाल के अपने भाईबहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय समेत कई मंत्रालय नेपाल की स्थिति और भारत से जुड़े संभावित प्रभावों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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