पेपर लीक के खिलाफ लोकसभा में लाए गए बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने यह आरोप लगाया था कि गृह मंत्री के कहने पर ही प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई की गई और गोली चलाई गई थी, इस पर सरकार ने कहा कि गोली चलाने के आदेश अफसर देते हैं, सरकार नहीं. बीजेपी सरकार की इस सफाई पर समाजवादी पार्टी हमलावर हो गई है और उसका कहना है कि अयोध्या में जब गोली चली तो मुलायम ने चलाई और दिल्ली में प्रशासन ने चलवाई. ऐसा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के बाद मंचे हंगामे पर SP सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “मैं लोगों से यह पूछना चाहता हूं, जब अयोध्या में गोली चली थी, तो मुलायम सिंह को इसके आदेश के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था, लेकिन जब यहां गोली चली, तो इसका जिम्मेदार प्रशासन को माना गया. जरा दोहरे मापदंड तो देखिए.”

#WATCH | Delhi: On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi’s statement, SP MP Ram Gopal Yadav says, “I want to ask the people: when shots were fired in Ayodhya, Mulayam Singh was held responsible for ordering it, yet when shots were fired here, it was attributed to the administration. Just pic.twitter.com/1KQ3638IQ6

— ANI July 30, 2026

वीरेंद्र सिंह ने भी लगाए आरोप

राम गोपाल से पहले पार्टी के ही एक अन्य सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी आरोप लगाते हुए कहा, “सदन के अंदर सरकार ने जो जवाब दिया, उसका मतलब यही है कि छात्रों पर गोलियां चलाना और गोलियां जो चलीं, पहले तो गोलियां नहीं चलीं. लेकिन अगर गोलियां चलीं, तो यह आदेश गृह मंत्री की ओर से नहीं दिया गया. इस मामले में सरकार ने विपक्ष के जानकारी नहीं होने की बात कही. तो फिर सवाल उठता है कि इनकी यह जानकारी तब कहां चली जाती है, जब वे अयोध्या मामले में मुलायम सिंह के ऊपर आरोप लगाते हैं कि उनके आदेश से गोलियां चली थीं. इन लोगों का दोतरफा तरीका है और इनके दोहरे चरित्र को भी उजागर करता है.”

जितेंद्र सिंह ने क्या कहा था

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कल एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने गोली चलाने का आदेश दिया लेकिन वह इसे प्रमाणित करने में नाकाम रहे.

उन्होंने कहा, “जब गोली ही नहीं चली तो आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता. गोली चलाने का आदेश किसी भी मंत्री की ओर से नहीं दिया जाता. ये आदेश मजिस्ट्रेट जारी करता है या फिर कोई अफसर देता है. राहुल गांधी का बयान गैर जिम्मेदाराना है. प्रदर्शनकारियों पर सिर्फ आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.”

राहुल गांधी के बयान पर हंगामा

इससे पहले राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित तौर पर किए गए बर्बरतापूर्ण व्यवहार को लेकर लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला, जिस पर सदन में हंगामा हो गया. एंटी पेपर लीक बिल पर जारी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाते हुए 20 जुलाई की हिंसा के लिए गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया था.

इसके बादउन्होंने पीसी के दौरान यह भी कहा कि अमित शाह को बर्खास्त कर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च अधिकार प्राप्त समिति से जांच कराई जाए.

लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पर बोलते हुए राहुल ने कहा, “इस देश के तथाकथित गृह मंत्री में यहां आकर बैठने की हिम्मत नहीं है. आज गृह मंत्री सदन में क्यों मौजूद नहीं हैं? ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वह इसलिए नहीं आए क्योंकि डरे हुए हैं.” उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री पर गंभीर आरोप भी लगाए. हालांकि उनके इस बयान पर सत्तापक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी माफी मांगो के नारे लगाए.