ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता लाने के लिए अक्टूबर का पूरा महीना ग्लोबल स्तर पर “ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ” के रूप में बनाया जाता है. वहीं 13 अक्टूबर को मेटास्टेटिक/स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर दिवस होता है जो इसके खतरे के प्रति सचेत करने के उद्देश्य के साथ मनाते हैं. त्वचा कैंसर के बाद महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे ज्यादा आम कैंसर ब्रेस्ट में ही होता है. समय रहते अगर इसके लक्षणों और बाकी चीजों के बारे में जानकारी हो तो इसकी गंभीरता से काफी हद तक बचा जा सकता है और एक स्वस्थ जिंदगी जी जा सकती है. इस आर्टिकल में जानेंगे कि ब्रेस्ट कैंसर कितनी तरह के होते हैं और कब ये बेहद खतरनाक है.

जब ब्रेस्ट की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और इसके लक्षणों पर ध्यान न दियाए जाए तो ये ट्यूमर बन सकती है. गंभीर स्थिति होने पर ये पूरे शरीर में फैलने से जानलेवा हो जाता है. एक्सपर्ट से इस बारे में डिटेल के साथ जान लेते हैं.

मौत का आंकड़ा काफी बड़ा

के मुताबिक, साल 2024 में, दुनिया भर में अनुमानित 24 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला और 6,94,000 मौतें हुईं. ब्रेस्ट कैंसर दुनिया के हर देश में महिलाओं को प्यूबर्टी के बाद किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसके मामले बढ़ते जाते हैं. ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 99% मामले महिलाओं में होते हैं.

कितने तरह का होता है ब्रेस्ट कैंसर?

एक्सपर्ट की राय

यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मेडिकल ऑन्कोलॉजी ग्रेटर नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी कैंसर एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट डॉ. राघव केसरी का कहना है कि स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार के कैंसरों में से एक है. हालांकि सारे स्तन कैंसर के मामले एक जैसे नहीं होते हैं. इसके कई प्रकार होते हैं जो इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर की कोशिकाएं किस तरह की हैं. उनकी मेटास्टेसिस करने की क्षमता और हार्मोन रिसेप्टर्स की उपस्थिति कैसी है. कुछ प्रकार धीरेधीरे विकसित होते हैं और कुछ में तेजी से मेटास्टेसिस होती है, इसलिए यह जरूरी है कि हम जानें कि स्तन कैंसर के कितने प्रकार हैं ,जो उच्च जोखिम में हैं और इस बीमारी के शुरुआती लक्षण कैसे पहचाने जाएं.

मुख्य प्रकार के स्तन कैंसर

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के अनुसार स्तन कैंसर के कई प्रकार हैं. दरअसल इसका टाइप इस बात से पता लगाया जाता है कि कैंसर कहां शुरू होता है और क्या यह आसपास के ऊतकों में फैल गया है और जैविक मार्कर्स क्या हैं. अब जान लेते हैं इसके प्रकार.

डक्टल कैंसर

स्तन कैंसर के इस प्रकार में मिल्क डक्ट्स की कोशिकाओं में ये विकसित होता है. इस कैंसर में ये सबसे आम है और यह स्तन के आसपास के ऊतकों में फैल सकता है. इसके उलट डीसीआईएस इस बीमारी का सबसे पहला रूप है जो केवल दूध नलिकाओं को ही शामिल करता है.

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लोबुलर कैंसर

जैसा नाम से ही समझ आता है कि ये लोबुल्स ‘Milkproducing glands’ से शुरू होता है. कैंसर का ये प्रकार यह डेंजरस हो सकता है और स्तन के ऊतकों में फैल सकता है.

ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर

ब्रेस्ट कैंसर का तीसरा प्रकार है ‘ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर’. यह वह कैंसर है जिसकी कोशिकाओं में अत्यधिक एस्ट्रोजन रिसेप्टर्स, प्रोगेस्टेरोन रिसेप्टर होते हैं. वहीं इसमें HER2 प्रोटीन की उपस्थिति नहीं होती है. कैंसर का ये प्रकार आमतौर पर तेजी से बढ़ता है. इसमें खतरा बहुत ज्यादा होता है, क्योंकि उपचार के विकल्प कम होते हैं. हालांकि कुछ पेशेंट्स के लिए के लिए कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी एक ऑप्शन है.

एच.ई.आर 2 पॉजिटिव स्तन कैंसर

बात करें हम ब्रेस्ट कैंसर के चौथे प्रकार के बारे में तो यह एक ऐसा स्तन कैंसर है जिसमे एच.ई.आर2 नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस वजह से स्तन कैंसर कोशिकाओं का विकास होता है. ये भी एक तेजी से बढ़ने वाले स्तन कैंसर है, लेकिन एच.ई.आर 2 को लक्षित करने वाली आधुनिक दवाएं कई मामलों में इसे सफलतापूर्वक ठीक करने में कारगर रहती हैं.

सूजन वाला स्तन कैंसर

कैंसर का ये प्रकार बहुत ही आक्रामक होता है. हालांकि ये एक दुर्लभ तरह का ब्रेस्ट कैंसर है, जिसके मामले कम ही देखने को मिलते हैं. इस कैंसर में स्तन की त्वचा लाल हो जाती है और बहुत सूजन आ जाती है. इसमें हमेशा एक गांठ नहीं होती है, बल्कि स्तन की त्वचा का टेक्सचर भी बदल जाता है जो नारंगी के छिलके जैसा महसूस होता है.

कौन सा ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा घातक?

वैसे तो ट्रिपल नेगेटिव और इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर जैसे कैंसर के प्रकार आक्रामक माने जाते हैं. हालांकि केवल कैंसर के प्रकार के आधार पर ये निष्कर्ष नहीं निकाल सकते हैं कि मरीज में जोखिम कितना है. इसके बारे में कैंसर के स्टेज और ग्रेडिंग, मेटास्टेसिस जैसी डिटेल्स निकालनी होती हैं. इसके अलावा ये भी देखना होता है कि पेशेंट की बॉडी इलाज को लेकर कैसा रिस्पॉन्स दे रही है.

लक्षण न करें नजरअंदाज

  • स्तनों या अंडरआर्म में एक नया गांठ विकसित होना
  • स्तनों का आकार या आकृति बदलना
  • निप्पल जिनका झुकाव हो गया है.
  • स्तनों की त्वचा लाल या मोटी होना
  • स्तनों में लगातार दर्दनाक सूजन

हालांकि ये लक्षण हमेशा कैंसर के संकेत नहीं होते हैं लेकिन फिर भी आपको अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए जो मैमोग्राम,उल्ट्रासाउंड और बायोप्सी जैसे टेस्ट लिखेंगे, जिन्हें समय रहते करवाना चाहिए. इससे आप समय पर ब्रेस्ट कैंसर की पहचान कर कर सते हैं और इलाज का रिजल्ट बेहतर हो सकता है.