कानपुर। कानपुर में 250 करोड़ के साइबर फ्रॉड के मामले में राजवीर सिंह और शिवम सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टर माइंड अभय शुक्ला उर्फ सुल्तान मिर्जा दुबई के पब में रशियन पर ठगी से कमाई रकम उड़ाता था।

जेल गए आरोपी शिवम सिन्हा के मोबाइल डाटा रिकवर में पुलिस के हाथ 2 वीडियो लगे हैं, जिसमें वह डिस्को में बार बाला के साथ झूमते हुए उनपर नोट उड़ा रहा है। वहीं अभय ठगी की रकम का 60 प्रतिशत अपने पास रखता था। क्योकि अकाउंट फ्रीज होने पर रकम खुद अभय भरता था।
एक मिनट 12 सेकेंड के वीडियो में अभय डिस्कोथेक में एक रिंगनुमा बने स्टेज पर बॉलीवुड सांग पर एक 2 रसियन डांसर थिरकती दिख रही हैं। इसमें एक डांसर के साथ चश्मा लगाकर अभय शुक्ला डांस करता दिख रहा है। अभय ने प्रिंटेड कपड़े पहन रखे हैं।
अभय के हाथ में नोटों की गडि्डयां है और रसियन के हर स्टेप पर नोट उड़ा रहा है। वीडियो में पूरा स्टेज नोटों से पटा हुआ दिखाई दे रहा है। अभय शुक्ला के साथ एक अन्य युवक भी झूम रहा है। इसके बाद डिस्कोथेक में मशहूर बॉलीवुड सांग शरारा…शरारा… बजते ही अभय बिंदास अंदाज से रसियन डांसर पर नोट उड़ाता दिख रहा है।
2021 में कॉलेज में हुई थी शिवम की अभय से दोस्ती
एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया 250 करोड़ की ठगी के मामले में बर्रा के राजवीर सिंह और रतनलाल नगर के रहने वाले शिवम सिंहा को अरेस्ट किया था। शिवम मूलरूप से बिहार के सासाराम का रहने वाला है।
शिवम ने बताया 2021 में मैं PSIT से बैचलर ऑफ टूरिज्म की पढ़ाई कर रहा था। तभी मेरी मुलाकात अभय शुक्ला से हुई जो कि बीटेक कर रहा था। अभय गोविंद नगर का रहने वाला है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अभय ने मुझे रुपए कमाने के धंधे के बारे में बताया। मुझे भी जल्दी अमीर बनना था।
इसके बाद मैं अभय के साथ जुड़ गया। इसके बाद पैसों की भरमार लग गई। इस पर शिवम ने गोविंद नगर में कपड़ों का शोरूम खोला, बिहार के सासाराम स्थित गांव में दो करोड़ का गेस्ट हाउस बनवाया।
इसके साथ ही वीआईपी नंबर वाली क्रेटा, आई20 कार व हंटर बाइक खरीदी। शिवम ने बताया कि वह 2022 व 2024 में दुबई और बैंकॉक भी अय्याशी करने गया था। 2024 में वह अभय शुक्ला के साथ दुबई गया था।
दुबई के पब में शराब पी और फिर अभय के साथ डिस्कोथेक गया
शिवम ने पुलिस पूछताछ में बताया दुबई के एक आलीशान पब में उसने अभय के साथ महंगी शराब पी, फिर अभय डिस्कोथेक पहुंचा, जहां उसने स्टेज पर रसियन डांसर के साथ डांस किया और करीब 2 लाख रुपए उड़ाए। इसका मैंने वीडियो भी बनाया था।
पुलिस ने शिवम की बतायी गई बातों की हकीकत परखने के लिए उसका मोबाइल खंगाला तो वह खाली निकला। साइबर सेल की टीम ने डाटा रिकवर किया तो उसमें पुलिस के हाथ एक मिनट 12 सेकेंड और 14 सेकेंड के वीडियो हाथ लगे, जिसमें वह रसियन डांसर के साथ अय्याशी करता दिख रहा है।
फ्रॉड की रकम सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी अभय की थी
पुलिस की पूछताछ में शिवम सिन्हा ने बताया गैंग के पास जितने भी म्यूल के लिए खाते थे, उनका हैंडलर अभय शुक्ला ही था। शिवम ने बताया कि खातों में गेमिंग एप, बेटिंग एप, इंवेस्टमेंट फ्रॉड से आई रकम का 60 प्रतिशत हिस्सा अभय रखता था।
शिवम ने बताया सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही कैश और ऑनलाइन पेमेंट की डिलीवरी की जाती थी। कैश सही समय पर न पहुंचने पर रकम का 5 से 10 गुना जुर्माना अभय पर लगता था। पुलिस ने जब शिवम से पूछा कि आखिर ठगी की रकम में 60 प्रतिशत का हिस्सा अभय क्यो रखता था ?
उसने बताया कि पूरे कानपुर में रकम को सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी मेरी थी। कब, किसको और कितना पैसा देना है, इसे मैं ही तय करता था। उसके पास प्रतिदिन पांच लाख रुपए तक की रकम खाते से निकालने का एक्सेस था।
लेकिन ठगी की रकम खाते में आने के बाद कई बार पीड़ित 1930 पर कॉल कर देता था, जिस पर पुलिस अकाउंट फ्रीज करा देती थी। लेकिन खाते में रकम आने के बाद साइबर ठगों तक रकम पहुंचाने की जिम्मेदारी अभय ने ली थी।
अगर खाते में रकम आने के बाद पुलिस अकाउंट फ्रीज भी करा देती तो रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा अभय को 10 दिनों के भीतर ठगों तक पहुंचाना पड़ता था। इसलिए रकम का 60 प्रतिशत हिस्सा अभय रखता था।
एक साल से नहीं मिली लोकेशन
बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया अभय के खिलाफ अक्टूबर 2025 में 100 करोड़ की ठगी का पहला मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद अभय की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई थी, लेकिन उसने कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। इसके बाद अभय ने शहर छोड़ दिया था।
काफी प्रयास के बावजूद पिछले एक साल से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। जानकारी के मुताबिक 125 करोड़ के मामले में बैंककर्मियों के जेल जाने के बाद अभय के नेपाल और दुबई में छिपे होने की जानकारी सामने आ रही है। पूछताछ में शिवम ने अभय के दुबई में होने की जानकारी दी है।
पासपोर्ट का लुक आउट सर्कुलर जारी होगा
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि अभय की गिरफ्तारी के लिए उसके पासपोर्ट की जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही अभय, राजवीर व शिवम सिन्हा के आधार कार्ड की जांच कराई जा रही है, जिससे आरोपियों की संपत्ति के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही अभय के पासपोर्ट का LOC जारी किया जाएगा।



