बारिश और उमस के मौसम में कार चलाते समय कई लोगों को एक जैसी परेशानी होती है. जैसे ही एसी ऑन करते हैं, कार की आगे वाली विंडशील्ड या साइड के शीशों पर धुंध जम जाती है. ऐसे में बाहर का रास्ता साफ नहीं दिखता और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर नई कारों में इस समस्या का आसान समाधान पहले से मौजूद होता है.

कार के शीशों पर धुंध क्यों जमती है?

जब कार के अंदर एसी चलने से ठंडक हो जाती है और बाहर का मौसम गर्म या बहुत नमी वाला होता है, तो दोनों के तापमान में फर्क आ जाता है. इसी वजह से शीशों पर नमी जमने लगती है, जो धुंध जैसी दिखती है. मानसून और सर्दियों में यह परेशानी सबसे ज्यादा होती है.

डीफॉगर कैसे करता है मदद?

अगर ड्राइविंग के दौरान शीशों पर जम जाए, तो कार का डीफॉगर या डेफ़्रोस्टर ऑन कर दें. यह फीचर विंडशील्ड और पीछे के शीशे तक गर्म हवा पहुंचाता है, जिससे कुछ ही मिनटों में धुंध साफ हो जाती है. इसके बाद बाहर का रास्ता फिर से साफ दिखाई देने लगता है. सुरक्षित ड्राइविंग के लिए यह फीचर काफी काम का माना जाता है.

पीछे वाले शीशे की लाइनों का क्या काम होता है?

आपने कार के पीछे वाले शीशे पर बनी पतलीपतली लाइनें जरूर देखी होंगी. ये रियर डीफॉगर सिस्टम का हिस्सा होती हैं. जैसे ही यह फीचर ऑन होता है, इन लाइनों में हल्की गर्मी पैदा होती है और शीशे पर जमी नमी तेजी से हटने लगती है. बारिश में पीछे का साफ नज़ारा बनाए रखने में यह काफी मदद करता है.

अगर कार में डीफॉगर नहीं है तो क्या करें?

अगर आपकी कार में नहीं दिया गया है, तो भी चिंता की बात नहीं है. एसी का तापमान थोड़ा बढ़ा दें, फ्रेश एयर मोड चालू करें और जरूरत पड़े तो खिड़की थोड़ा खोल दें. इससे कार के अंदर और बाहर का तापमान धीरेधीरे बराबर होने लगेगा और शीशों पर जमी धुंध अपने आप साफ होने लगेगी.

बारिश में ड्राइविंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

बारिश में निकलने से पहले कार के सभी शीशे अच्छी तरह साफ कर लें. एसी को बहुत ज्यादा ठंडा न रखें और बीचबीच में फ्रेश एयर मोड का इस्तेमाल करते रहें. साथ ही यह भी देख लें कि डीफॉगर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं. अगर ड्राइविंग के दौरान शीशों पर धुंध जम जाए, तो पहले उसे साफ करें और उसके बाद ही आगे बढ़ें. साफ विजिबिलिटी ही सुरक्षित ड्राइविंग की सबसे जरूरी शर्त होती है.

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