भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग के पहले सीज़न से ही चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े हुए हैं। वह इस लीग में CSK के लिए सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं और ‘मेन इन येलो’ के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। अपने खेल करियर के आखिरी दौर में चल रहे धोनी, CSK में हिस्सेदारी खरीदकर चेन्नई की इस फ़्रैंचाइज़ी के साथ अपने रिश्ते को और मज़बूत करना चाहते थे। हालांकि, एक रिपोर्ट के मुताबिक, CSK मैनेजमेंट के उनकी शर्तों पर सहमत न होने के कारण यह डील नहीं हो पाई।

क्रिकब्लॉगर के अनुसार, रांची के रहने वाले 45 वर्षीय क्रिकेटर ने CSK में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन मैनेजमेंट उनकी बताई शर्तों पर सहमत नहीं हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, धोनी शुरू में फ़्रैंचाइज़ी में 25% हिस्सेदारी खरीदना चाहते थे, लेकिन CSK के मालिक उन्हें 3% हिस्सेदारी देने को तैयार थे। इसके बाद धोनी ने अपनी मांग घटाकर 20% कर दी, लेकिन मैनेजमेंट का ऑफ़र सिर्फ़ 4% तक ही बढ़ा। बातचीत के एक और दौर के बाद, ख़बरों के मुताबिक धोनी ने 18% हिस्सेदारी पर डील करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन CSK मैनेजमेंट का आखिरी ऑफ़र 5.5% था।
क्रिकब्लॉगर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सूत्र ने कहा कि धोनी हिस्सेदारी खरीदना चाहते थे। वह इसे मुफ़्त में नहीं मांग रहे थे, लेकिन CSK मैनेजमेंट की सोच अलग थी। सूत्रों के मुताबिक, धोनी और CSK मैनेजमेंट के बीच ज़्यादातर बातचीत ज़ुबानी हुई और दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक लिखित प्रस्ताव या समझौता नहीं हुआ। ऐसी भी खबरें हैं कि हिस्सेदारी को लेकर हुए मतभेद ने CSK और धोनी के रिश्तों में खटास पैदा कर दी है, और इस बात पर कोई पक्का भरोसा नहीं है कि CSK के पूर्व कप्तान पांच बार की IPL चैंपियन टीम के लिए दोबारा खेलेंगे या नहीं। IPL 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले CSK ने धोनी को 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। हालांकि, चोट के कारण वह इस लीग के 2026 सीज़न में ‘मेन इन येलो’ के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाए।
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