CRPF Foundation Day 2026: हर साल 27 जुलाई को मनाया जाने वाला यह दिन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की स्थापना की याद में मनाया जाता है। सीआरपीएफ भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है और गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

क्या है केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का इतिहास

सीआरपीएफ की शुरुआत 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के नाम से हुई थी। उस समय इसका उद्देश्य ब्रिटिश भारत की रियासतों में राजनीतिक अशांति और कानूनव्यवस्था को बनाए रखना था। स्वतंत्रता के बाद संसद ने 28 दिसंबर 1949 को एक अधिनियम पारित करके इसका नाम बदल दिया और नाम रखा गया केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी Central Reserve Police ForceCRPF। इसके बाद इसे भारत संघ के एक सशस्त्र बल के रूप में स्थापित किया गया।

CRPF की स्थापना क्यों की गई?

सीआरपीएफ की स्थापना उस दौर में हुई, जब देश की कई रियासतों में राजनीतिक अस्थिरता और आंदोलन तेजी से चल रहे थे। 1936 में जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मद्रास प्रस्ताव पेश किया, तब इसकी जरूरत महसूस हुई। स्वतंत्रता के बाद इस बल ने भारतीय संघ में विभिन्न रियासतों के विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीआरपीएफ ने जूनागढ़ और काठियावाड़ की उन रियासतों में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम योगदान दिया, जिन्होंने शुरुआत में भारतीय संघ में शामिल होने से इंकार कर दिया था।

सीआरपीएफ का महत्व

स्वतंत्रता के बाद सीआरपीएफ को गुजरात और राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर होने वाले घुसपैठ और सीमा पार के अपराधों से निपटने की जिम्मेदारी सौंपी गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उस समय पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों की गतिविधियों पर इस बल ने अंकुश लगाया।

युद्ध और आंतरिक सुरक्षा में योगदान

  • 1962 के भारतचीन युद्ध के दौरान अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना की सहायता की।
  • 1965 और 1971 के भारतपाकिस्तान युद्ध में भी सेना के साथ मिलकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
  • पूर्वोत्तर भारत में शांति स्थापित करने और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में कानूनव्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
  • 1970 के दशक के अंत में त्रिपुरा और मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सीआरपीएफ की कई बटालियन तैनात की गईं।

भारतपाक सीमा की भी संभाली जिम्मेदारी

साल 1965 तक भारतपाकिस्तान सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सीआरपीएफ के पास थी। बाद में यानी BSF का गठन किया गया औऱ यह जिम्मेदारी बीएसएफ के हाथों दे दी गई।

आपदा के समय भी निभाता है अहम दायित्व

सीआरपीएफ आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथसाथ प्राकृतिक आपदा, बड़े हादसे व आपातकाल की स्थिति में भी राहत एवं बचाव का कार्य करता है। वर्तमान में सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा है और देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवादरोधी अभियान, नक्सल विरोधी ऑपरेशन, चुनावी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता पूर्वक अपना योगदान दे रहा है।