फिल्म अभिनेत्री और BJP सांसद कंगना रनौत के खिलाफ आगरा में केस दर्ज कराई गई है. राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रमाशंकर शर्मा ने केस दर्ज कराए जाने के बाद आज बुधवार को कहा कि कंगना रनौत के खिलाफ केस दर्ज कराया है. कंगना ने NEET पेपर लीक को लेकर विरोध कर रहे छात्रों को “जेनरेशन गटर” कहा था. कोर्ट इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते 21 अगस्त को करेगा.

इससे पहले कंगना के खिलाफ केस दर्ज कराए जाने के बाद रमाशंकर ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, “मैंने BJP सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत के खिलाफ MP/MLA के लिए बनी स्पेशल कोर्ट में केस दर्ज कराया है. यह केस कंगना की ओर से जंतरमंतर पर विरोध कर रहे छात्रों को ‘गटर जेनरेशन’ कहने से जुड़ा है.”
कंगना ने छात्रों का अपमान कियाः रमाशंकर
एडवोकेट शर्मा ने आगे कहा, “उन्हें ऐसी बातें कहने की आदत है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने देश के छात्रों का अपमान किया है और उनके मातापिता तक को बुराभला कहा है. यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है. कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 21 अगस्त को करेगा.”
#WATCH | Agra, Uttar Pradesh: Senior lawyer Ramashankar Sharma says, “I have filed a suit against BJP MP and actress Kangana Ranaut in the Special Court for MPs/MLAs. The suit concerns Kangana Ranaut referring to students protesting at Jantar Mantar as the ‘gutter generation’… pic.twitter.com/TXe4SWNNor
— ANI UP/Uttarakhand August 12, 2026
यह मामला तब सामने आया जब कंगना रनौत ने NEETUG पेपर लीक को लेकर हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की तीखी आलोचना की थी. सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के दौरान उन्होंने उनमें से कुछ को “जेनरेशन गटर” कहा था और उनके व्यवहार तथा भाषा शैली पर गंभीर सवाल उठाए थे. हालांकि उनकी इस टिप्पणी पर कई लोगों ने नाराजगी जताई थी.
सोशल मीडिया पर कंगना ने क्या कहा था
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर किए और विरोध प्रदर्शन के वीडियो को “उल्टी लाने वाला” करार दिया. BJP सांसद ने प्रदर्शनकारियों के अंदाज और भाषा की आलोचना की. उन्होंने लिखा, “मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह इतनी बदसूरती नहीं देखी. Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “जिस तरह से वे बातें करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं. मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर फ्रेम में सब कुछ इतना बुरा और भद्दा एक साथ नहीं देखा. इन्हें कौन पैदा कर रहा और पालपोस रहा है?” उन्होंने आगे लिखा, “इन रील्स ने मुझे परेशान कर दिया. इन्हें ठीक होने और डिजिटल डिटॉक्स की दरकार है.”
कंगना ने प्रदर्शनकारी युवाओं के रवैये पर तीखी आलोचना करते हुए कहा, “सबसे हैरान करने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का रवैया है, जो आजादी हासिल किए बिना ही आजाद करियर वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं. सच में ऐसी महिलाएं बागी फैसले लेती हैं और बेबाक राय रखती हैं. वे करियर में लीक से हटकर कदम उठाती हैं और अपने कामों की जिम्मेदारी खुद लेती हैं क्योंकि वे अपने दम पर खड़ी होती हैं. वे यह सब अपने मातापिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं.”
उन्होंने कहा, “इसीलिए मैं उन्हें ‘जेनरेशन गटर’ कहती हूं. उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है. वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं. वे इतनी बदसूरत और भ्रष्ट हैं कि वे अपना घर भी नहीं संभाल सकतीं.”
पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतरमंतर पर हजारों की संख्या में छात्र आंदोलन कर रहे थे और एक महीने से भी अधिक चले आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को आंदोलन खत्म कर दिया गया



