Controversy: फिल्म ‘पद्मावत’ में रानी पद्मावती और दूसरी महिलाओं को जौहर करते हुए दिखाया गया था। फिल्म रिलीज होने के बाद एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने इसी सीन पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि उन्हें इस बात से परेशानी है कि फिल्म में महिलाओं के लिए अपनी जान देना ही सम्मान बचाने का रास्ता दिखाया गया है। इसी बयान के बाद स्वरा भास्कर विवाद चर्चा में आया था।

स्वरा ने जौहर सीन पर उठा सवाल
स्वरा का सवाल जौहर करने वाली महिलाओं की बहादुरी को लेकर नहीं था। वह फिल्म में महिलाओं की जिंदगी और सम्मान को दिखाने के तरीके पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने पूछा था कि अगर कोई महिला रेप की शिकार हो जाए, तो क्या उसकी जिंदगी खत्म हो जानी चाहिए? क्या उसे जिंदा रहने के बजाय अपनी जान दे देनी चाहिए?
स्वरा के सवाल का मुख्य मतलब यही था कि किसी महिला की जिंदगी उसकी इज्जत या शरीर से ज्यादा जरूरी है या नहीं। उन्होंने फिल्म के जौहर सीन को इसी नजरिए से देखा था और कहा था कि ऐसे दृश्य दर्शकों को क्या संदेश देते हैं, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।
फिर विवाद क्यों शुरू हुआ
स्वरा की बात का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कुछ लोगों ने उनके बयान का मतलब यह निकाला कि उन्होंने रानी पद्मावती और जोहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा है। इसके बाद उनकी आलोचना शुरू हो गई और पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया।
दरअसल, स्वरा की टिप्पणी को लेकर दो अलगअलग नजरिए सामने आए। एक तरफ लोगों ने उनके बयान को ऐतिहासिक परंपरा और जौहर करने वाली महिलाओं के अपमान से जोड़कर देखा, वहीं दूसरी तरफ स्वरा का कहना था कि उनका सवाल महिलाओं की जिंदगी और सम्मान को लेकर था।
2026 में फिर क्यों उठा विवाद
हाल ही में एक कार्यक्रम में स्वरा ने एक बार फिर ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें आज भी फिल्म में दिखाए गए इस सीन से परेशानी है। कार्यक्रम में दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके बाद लोगों ने 2018 के पुराने विवाद को फिर से उठाना शुरू कर दिया।
इसके बाद स्वरा भास्कर विवाद दोबारा चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके पुराने बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाए और उनकी आलोचना की।
स्वरा ने अब क्या सफाई दी
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा। उनके मुताबिक उनकी बात को गलत तरीके से समझाया और फैलाया जा रहा है।
स्वरा ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल जौहर करने वाली महिलाओं की बहादुरी पर नहीं था। वह इस बात पर सवाल उठा रही थीं कि फिल्मों में महिलाओं की जिंदगी, सम्मान और उनके सामने आने वाली परिस्थितियों को किस तरह दिखाया जाता है।
मेरा एक वीडियो क्लिप वायरल है जिसे ग़लत रूप से झूठे ढंग से अनुवादित किया जा रहा है! मैंने कतई नहीं कहा कि रानी पद्मावती या कोई भी सती कायर थी । शर्मनाक है कि @ndtvindia और अन्य मीडिया चैनल और लोग बार बार झूठा इल्ज़ाम लगाकर लोगों को उत्तेजित कर रहे हैं ।
गाली देनी है तो दो पर… pic.twitter.com/TR8sy5gRCr— Swara Bhasker September 1, 2026
असली विवाद किस बात पर है
पूरे विवाद का केंद्र स्वरा का वह सवाल है कि किसी महिला के साथ बलात्कार होने के बाद क्या उसकी जिंदगी खत्म मान ली जानी चाहिए। स्वरा का कहना है कि उनका विरोध महिलाओं के जौहर करने से ज्यादा उस संदेश को लेकर था, जो फिल्म का दृश्य दर्शकों तक पहुंचा सकता है।
वहीं, आलोचना करने वाले लोगों का तर्क है कि जौहर को केवल आधुनिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता और इसके पीछे की ऐतिहासिक परिस्थितियों को भी समझना जरूरी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसी अलगअलग नजरिए की वजह से स्वरा भास्कर विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है।



