Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पंचर बनाने वाले व्यक्ति के दुकान के नाम पर कथित रूप से फर्जी कंपनी बनाई गई. जालसाजों ने दुकानदार के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर 100 करोड़ रुपए के टर्नओवर पर 28 करोड़ रुपए की GST की चपत लगाई है. इस पूरे मामले की जानकारी पंचर की दुकान चलने वाले व्यक्ति को नहीं थी. उसे जानकारी तब हुई जब फरवरी 2026 में CGST विभाग की जांच में इस कंपनी का नाम उजागर हुआ था, जिसमें 28 करोड़ रुपए GST बकाया था, जिसका समन पीड़ित व्यक्ति को मिला था. बकाया का नोटिस मिलने पर एम्स थाने में एप्लीकेशन दिया था. वही पुलिस इस मामले में शिकायत के आधार पर जांच कर रही है. यह पूरा मामला गोरखपुर जिले के एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव की है.

जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग निवासी राज प्रजापति की पंचर की दुकान है. CGST विभाग की ओर से उन्हें एक समन मिला है. समन में उनकी कंपनी मेसर्स गड़जेट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का टर्नओवर 100 करोड रुपए दिखाया गया है. साथ ही 28 करोड़ रुपए जीएसटी बकाया दिखाया गया है. इसमें हैरान करने वाली बात यह है कि इतना बड़ा टर्नओवर दिखाने के बाद कंपनी को बंद कर दिया गया है, जिसके बाद विभाग ने राज प्रजापति को समन जारी किया है. समन मिलते ही राज प्रजापति के होश उड़ गए है.
बनारस की CGST विभाग की टीम जब जांच करने के लिए राज प्रजापति के गांव पहुंची तो उसकी हालत और दुकान देखकर जैसे उनके पैर के नीचे से जमीन ही खिसक गई. इसके बाद टीम पूछताछ करने के बाद वापस बनारस लौट गई.
जीएसटी विभाग से आया था समन
27 मई को वाराणसी सीजीएसटी ऑफिस की तरफ से राज प्रजापति को एक समन मिला था, जिसमें 29 मई को उन्हें कमिश्नर ऑफिस बनारस में पेश होने का आदेश दिया गया था. समन को देखकर राज प्रजापति घबरा गए, जिसके बाद उन्होंने 30 मई को गोरखपुर के एम्स थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि अपनी बहन की शादी के लिए 30000 रुपए लोन दिलाने के नाम पर उनके गांव के ही अमित गुप्ता द्वारा उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिग्नेचर लिया गया था. उन्होंने इसका गलत तरीके से इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी बनाई थी, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि मेसर्स गड़जेट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम से उन्होंने फर्जी कंपनी बनाया था और यस बैंक में खाता भी खुलवा लिया था.
28 करोड़ रुपए GST बकाया
राज प्रजापति के मौसेरे भाई राजन प्रजापति ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि राज प्रजापति का जीएसटी का फ्रॉड का मामला चल रहा है. 8 दिन पहले राज प्रजापति मेरे पास आए और उन्होंने बताया कि यह मामला हमारे साथ हुआ है. इनका एप्लीकेशन एम्स थाने में ले लिया गया है लेकिन अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है. 17 जून को इनका एप्लीकेशन एम्स थाने में जनसुनवाई में दिया गया. उन्होंने कहा कि हमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से उम्मीद है कि वह जरूर न्याय दिलाएंगे.
मजदूर ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
क्षेत्राधिकारी कैंट आभा सिंह ने बताया कि गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग निवासी राज प्रजापति को बनारस की CGST से 100 करोड़ टर्नओवर का समन प्राप्त हुआ है. इस मामले में एम्स थाने में उनके द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया है. बहन की शादी के लिए लोन दिलाने के नाम पर उनके गांव के अमित गुप्ता द्वारा इनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और उनका हस्ताक्षर प्राप्त किया गया. दुरुपयोग करके अमित गुप्ता द्वारा एक फर्जी कंपनी बनाई गई, और इनके साथ धोखाधड़ी की गई. इस संबंध में CGST विभाग से समन जारी हुआ है. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है. उन्होंने बताया कि इसमें पाये गये तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी.



