1 अगस्त से आम आदमी की जेब पर महंगाई का असर बढ़ सकता है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे माल और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के चलते कई FMCG कंपनियां अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं. इसका असर तेल, साबुन, पैकेज्ड फूड, घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं और कुछ इलेक्ट्रॉनिक आइटम की कीमतों पर देखने को मिल सकता है. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बढ़ती लागत और सप्लाई चेन से जुड़े खर्च कंपनियों पर दबाव बना रहे हैं, जिसका बोझ आखिरकार ग्राहकों पर पड़ सकता है. हालांकि, अलगअलग कंपनियों और उत्पादों के हिसाब से कीमतों में बढ़ोतरी अलगअलग हो सकती है.

किनकिन चीजों के बढ़ेंगे दाम?
अगर खाद्य तेल की बात करें तो इसमें सरसों तेल, सोयाबीन तेल, सनफ्लावर ऑयल और पाम ऑयल से जुड़े प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ सकते हैं. इसके अलावा नहाने के साबुन, कपड़े धोने के पाउडर और डिशवॉश बार/लिक्विड की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
चायकॉफी की भी बढ़ जाएगी कीमत
पर्सनल केयर की चीजों में शैंपू, टूथपेस्ट, फेसवॉश और क्रीम आदि के दाम बढ़ सकते हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा पैकेज्ड फूड में बिस्कुट, नूडल्स, नमकीन, स्नैक्स, चाय, कॉफी और कुछ रेडीटूईट प्रोडक्ट्स की कीमतों में इजाफा हो सकती है. इतना ही नहीं, डेयरी से जुड़े पैक्ड प्रोडक्ट्स में कुछ ब्रांडों के घी, मक्खन और अन्य पैक्ड डेयरी उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं. वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स में टीवी और कुछ घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं. इसके अलावा कपड़ों में कुछ ब्रांडेड कपड़ों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है.
क्या पेट्रोलडीजल के भी बढ़ेंगे दाम?
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ईंधन आयात की लागत में वृद्धि होने से वाहन चालकों और उपभोक्ताओं को 1 अगस्त से पेट्रोलियम उत्पादों के लिए भी अधिक भुगतान करना पड़ सकता है. इसमें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है. वहीं, कर्नाटक में 1 अगस्त से गाड़ियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है.



