शिमला। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। एक तरफ भाजपा सहित तमाम राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने और चुनावी जमीन तैयार करने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भी पार्टी के भीतर अनुशासन और सक्रियता को लेकर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने अपने 13 पदाधिकारियों को निलंबित कर संगठन के भीतर बड़ा संदेश दिया है। कार्रवाई की जद में प्रदेश उपाध्यक्ष से लेकर महासचिव और सचिव स्तर तक के पदाधिकारी आए हैं।

 

युवा कांग्रेस की ओर से जारी आदेश के मुताबिक इन पदाधिकारियों को दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया गया है। यह आदेश 2 नवंबर 2026 को प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव (संगठन) आर्यन चौहान ने जारी किया। हालांकि, संगठन का कहना है कि मामला केवल दिल्ली के कार्यक्रम में गैरहाजिरी तक सीमित नहीं है। संबंधित पदाधिकारी लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय नहीं थे और कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ।

2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस का संदेश

हिमाचल में अगले विधानसभा चुनाव के लिए अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस के लिए सत्ता में रहते हुए संगठन को सक्रिय रखना और पार्टी के भीतर तालमेल बनाए रखना अहम चुनौती है। ऐसे में युवा कांग्रेस के 13 पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई को संगठन में अनुशासन लागू करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

 

 

पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है कि संगठन में पद मिलने के साथ जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। केवल पद पर बने रहने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बैठकों, आंदोलनों और पार्टी के तय कार्यक्रमों में भागीदारी भी दिखानी होगी। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कार्रवाई युवा कांग्रेस तक सीमित रहती है या प्रदेश कांग्रेस के दूसरे संगठनात्मक स्तरों पर भी निष्क्रिय पदाधिकारियों की समीक्षा होती है।

 

दिल्ली की रैली से गैरहाजिरी बनी कार्रवाई की वजह

युवा कांग्रेस के आदेश में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को कार्रवाई का आधार बताया गया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में संबंधित पदाधिकारी शामिल नहीं हुए थे। संगठन ने इसे नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी और अनुशासन से जुड़ा मामला माना।

 

 

 

युवा कांग्रेस महासचिव (संगठन) आर्यन चौहान के मुताबिक, संबंधित पदाधिकारी काफी समय से संगठन के कामकाज में सक्रिय नहीं थे। उन्हें कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन बैठकों और कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। दिल्ली रैली में अनुपस्थिति के बाद संगठन ने उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया।

दो उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और तीन सचिव निलंबित

युवा कांग्रेस की कार्रवाई में कुल 13 पदाधिकारी शामिल हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इनमें दो प्रदेश उपाध्यक्ष, आठ प्रदेश महासचिव और तीन प्रदेश सचिव हैं। निलंबित पदाधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं:

प्रदेश उपाध्यक्ष

  1. अमला कश्यप
  2. अनु कुमारी मराठा

प्रदेश महासचिव

  1. साहिल ठाकुर
  2. अजय ठाकुर
  3. रविंद्र राव
  4. सचिन ठाकुर
  5. मनोज कुमार
  6. पूजा ठाकुर
  7. तजेंद्र कुमार
  8. अंकुर शर्मा

प्रदेश सचिव

  1. यशपाल
  2. अर्जुन सिंह
  3. बलदेव सिंटियान

सभी पदाधिकारियों का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और यह अगले आदेश तक जारी रहेगा। आदेश की प्रतियां भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी शेष नारायण ओझा, सचिव एवं सह-प्रभारी ज्योतिष एचएम, हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर और कार्यकारी अध्यक्ष अखिल अग्निहोत्री को भी भेजी गई हैं।

 

 

रजनी पाटिल पहले ही दे चुकी हैं संकेत

युवा कांग्रेस की इस कार्रवाई को प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से हाल के महीनों में दिए जा रहे संगठनात्मक संदेशों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने सितंबर में संगठन की बैठकों के दौरान निष्क्रिय पदाधिकारियों को बदलने और पार्टी के कामकाज में जवाबदेही तय करने की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालने वालों को समय देना होगा और बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों की जगह सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाया जा सकता है।