Uttarakhand leopard attack: उत्तराखंड के पौड़ी और कोटद्वार में गुलदार के हमलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पौड़ी जिले में चार साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने हमला कर मार डाला, जबकि कोटद्वार में आठ साल की बच्ची पर भी गुलदार ने हमला कर दिया. हालांकि, बच्ची की मां ने साहस दिखाते हुए करीब 100 मीटर तक गुलदार का पीछा किया और उसके जबड़े से बेटी को छुड़ा लिया.

लगातार हो रहे हमलों से स्थानीय लोगों में दहशत के साथ आक्रोश भी है. पौड़ी में घटना के विरोध में ग्रामीणों ने विधायक राजकुमार पोरी की गाड़ी घेरकर जमकर नारेबाजी की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. पौड़ी जिले के मल्ली गांव में मंगलवार शाम करीब छह बजे यह दर्दनाक घटना हुई. चार साल की बच्ची अपनी नानी के घर के पीछे खेल रही थी. इसी दौरान अचानक गुलदार वहां पहुंचा और बच्ची पर हमला कर दिया. गुलदार उसे उठाकर ले गया और अपना निवाला बना लिया. घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. मासूम की मौत से परिवार के लोगों का रोरोकर बुरा हाल है.

इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई. लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं.

विधायक की गाड़ी घेरकर ग्रामीणों ने की नारेबाजी

मासूम की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी की गाड़ी को घेर लिया. लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने मांग की कि प्रभावित इलाकों में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं. लोगों ने प्रशासन से गांवों में रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने की भी मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है.

मां ने 100 मीटर तक किया गुलदार का पीछा, बेटी को बचाया

उधर, कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में भी मंगलवार शाम गुलदार ने आठ साल की बच्ची सान्वी पर हमला कर दिया. बच्ची अपनी मां नीलम के साथ घर के आंगन में लाइट जलाने आई थी. इसी दौरान गुलदार ने उस पर झपट्टा मारा और उसे जबड़े में दबोचकर खेत की ओर भागने लगा. बेटी को गुलदार के जबड़े में देखकर मां ने हिम्मत नहीं हारी. वह उसके पीछे दौड़ी और करीब 100 मीटर तक पीछा किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आखिरकार मां ने गुलदार के जबड़े से बच्ची को छुड़ा लिया. हमले में सान्वी घायल हो गई. उसे इलाज के लिए राजकीय बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पौड़ी और कोटद्वार में एक ही दिन हुई इन घटनाओं ने पहाड़ी क्षेत्रों में मानववन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को सामने ला दिया है. एक तरफ चार साल की बच्ची की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ मां की बहादुरी से आठ साल की बच्ची की जान बच गई.

लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में डर का माहौल है. लोग वन विभाग और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने और आम लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.