अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ढील की कोई गुंजाइश नहीं है. एसआईटी परतदरपरत इसकी तहकीकात कर रही है. इस मामले में पाई पाई का हिसाब होगा. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर मिली खामियों को देखते हुए एसआईटी अब ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट की जांच करेगी. हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी. SIT को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं. जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं. इसके अलावा निर्माण कार्यों की भी जांच होगी. एसआईटी अब 15 जुलाई को सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी.

एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आपराधिक पहलू की जांच की है. इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार अयोध्या में हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर मिली खामियों को देखते हुए एसआईटी ने पिछले पांच साल में मंदिर ट्रस्ट की ओर से कराए गए ऑडिट की जांच का फैसला लिया है. जरूरत पड़ने और एसआईटी संबंधित एक्सपर्ट की मदद ले सकती है. इसमें एसआईटी देखेगी कि ऑडिट में कहां खामियां हैं?

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