महाराष्ट्र के नागपुर में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया गया. इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया. कार्यक्रम में भागवत ने तमाम मुद्दों पर अपने विचार रखे. वहीं उन्होंने भारतीय पायलट स्मित मछार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का दृष्टिकोण और स्वभाव समावेशी है.उन्होंने कहा कि फ्लाई दुबई की एक उड़ान में एक बड़ी आपदा को टालने में कैप्टन स्मित मछार ने जो साहस दिखाया, उसकी जड़ें इन्हीं हिंदू मूल्यों में हैं, जो पीढ़ीदरपीढ़ी चले आ रहे हैं.

कैप्टन स्मित मछार ने दुबईतेल अवीव उड़ान में एक बड़ी आपदा को टालने के लिए साहस दिखाया. उन्होंने अपने कोपायलट का मुकाबला किया, जो कथित तौर पर 174 यात्रियों से भरी उस उड़ान को क्रैश करने की कोशिश कर रहा था. इस बहादुरी के लिए पूरे देश ने उनकी तारीफ की.

मोहन बागवत ने की स्मित मछार की तारीफ

आरएसएस के वार्षिक दशहरा संबोधन के दौरान भागवत ने कहा ‘चूंकि हिंदू समाज का दृष्टिकोण और स्वभाव समावेशी है, इसलिए हमें यह समझना चाहिए कि इस तरह के प्रयास हम सभी के बीच भावनात्मक एकता, सद्भावना और अच्छे आचरण को और मजबूत करेंगे. यही स्वभाव और यही मूल्य, जो पीढ़ीदरपीढ़ी चले आ रहे हैं, कैप्टन स्मित मछार को अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने के लिए प्रेरित करते हैं’.

‘भारतीयों की एकता दिलों में बसी है…’

भागवत ने कहा कि भारतीयों की एकता दिलों में बसी है और इसलिए यह बिना किसी शर्त के है. उन्होंने कहा ‘हम भारतीयों की एकता स्वाभाविक और बिना किसी शर्त के है. हमारा आपस में जो बंधन है और भारत के साथ हमारा जो रिश्ता है, वह एक जीवंत बंधन है. इसकी जड़ें दिलों में हैं, इसलिए यह बिना किसी शर्त के है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह एकतरफा स्वभाव का है, जैसा कि इन शब्दों में व्यक्त किया गया है ‘हे मां, तेरा गौरव सदैव बना रहे; चाहे हम कुछ और दिन जीवित रहें या न रहें’.

‘स्नेह और आत्मीयता पर आधारित रिश्तों में शर्त नहीं होती’

भागवत ने कहा कि अपनापन, स्नेह और आत्मीयता पर आधारित रिश्तों में कभी कोई शर्त नहीं होती. उन्होंने कहा कि हमें बस उन आधारों पर अडिग रहना है जिन पर रिश्ते पनपते हैं. उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों ने भी यही भावना दिखाई थी. उन्होंने कहा ‘हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्र के प्रति पूर्ण और बिना किसी शर्त के समर्पण की यही भावना दिखाई थी. इसी समर्पण ने अंततः ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया’. उन्होंने कहा कि RSS इसी ‘हिंदू भावना’ को जगाने और पूरे समाज को एक सुसंगठित और मजबूत समाज बनाने के लिए काम कर रहा है.

कैप्टन स्मित मछार ने बचाई 174 लोगों की जान

कैप्टन स्मित मछार की बात करें तो वो तब एक हीरो बन गए, जब चाकू के घाव होने के बावजूद उन्होंने अपने कोपायलट के हमले का मुकाबला किया और फ्लाई दुबई विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाई. बोइंग 737 के कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प और खून से लथपथ मछार के वीडियो वायरल हो गए, जिससे मुंबई के घाटकोपर के रहने वाले और दुबई में काम करने वाले यह पायलट रातोंरात दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए. फिलहाल अबू धाबी में उनका इलाज चल रहा है.