नहाना शरीर की रोज की साफसफाई का एक जरूरी हिस्सा है. इससे पसीना, धूल और शरीर पर जमा गंदगी हटाने में मदद मिलती है. खासकर गर्मी, उमस या ज्यादा शारीरिक मेहनत के दौरान शरीर पर पसीना ज्यादा आता है. ऐसे में नहाने से शरीर साफ और तरोताजा महसूस कर सकता है. लेकिन हर व्यक्ति की नहाने की जरूरत एक जैसी नहीं होती.

कुछ लोगों को लगता है कि रोज जरूरी है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि हर दिन नहाना जरूरी नहीं है. इसी वजह से कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर रोज नहाना चाहिए या नहीं और इसका स्किन पर क्या असर पड़ता है. साथ ही, नहाते समय पानी का तापमान, साबुन और नहाने का समय भी स्किन की सेहत को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि रोज नहाना चाहिए या नहीं और नहाने का सही तरीका क्या है.

क्या रोज नहाना सभी के लिए जरूरी है?

रोज नहाना गलत नहीं है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए हर दिन नहाना जरूरी भी नहीं है. कितनी बार नहाना चाहिए, यह मौसम, पसीना, रोज की एक्टिविटी और आपकी स्किन पर निर्भर करता है. अगर आपको ज्यादा पसीना आता है, एक्सरसाइज करते हैं या गर्म मौसम में रहते हैं, तो रोज नहाना ज्यादा जरूरी हो सकता है. वहीं, कम पसीना आने या ठंडे मौसम में हर दिन नहाने की जरूरत कम हो सकती है.

कुछ लोगों की स्किन ड्राई या सेंसिटिव होती है, इसलिए उनके लिए बारबार नहाना परेशानी बढ़ा सकता है. वहीं, ज्यादा पसीना आने वाले लोगों को शरीर की सफाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. इसलिए हर किसी के लिए रोज नहाने का एक ही नियम सही नहीं है. अपनी स्किन और रोज की एक्टिविटी के हिसाब से नहाने का समय तय करें.

नहाने का सही तरीका क्या है?

नहाते समय बहुत गर्म पानी इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे स्किन ड्राई हो सकती है. हल्के गुनगुने पानी से नहाना बेहतर है. शॉवर को बहुत लंबा न करें और करीब 5 से 7 मिनट में नहाना पूरा करने की कोशिश करें. तेज खुशबू वाले साबुन की जगह सामान्य और हल्का साबुन इस्तेमाल करें, खासकर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव या ड्राई है.

नहाने के बाद त्वचा को तौलिए से जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से सुखाएं. इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन की नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

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