दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि साउथ जोन के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल में किशन ने शानदार दोहरा शतक जड़कर अपनी टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी इस पारी ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट में उनकी वापसी की चर्चा तेज कर दी है।

ईशान किशन ने ठोका शानदार दोहरा शतक

ईशान किशन ने अपनी पारी में 270 गेंदों का सामना करते हुए 200 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 26 चौके और 2 छक्के निकले। किशन ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन सेट होने के बाद साउथ जोन के गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया। इस दोहरे शतक के साथ किशन ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 4000 रन भी पूरे कर लिए और 10वां फर्स्ट क्लास शतक लगाया। उनकी पारी ने ईस्ट जोन को उस समय संभाला, जब टीम 147 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी।

कुमार कुशाग्र ने भी जमाया शतक

ईशान किशन के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया। कुशाग्र ने 101 रन की पारी खेलकर कप्तान किशन का बेहतरीन साथ दिया। इससे पहले शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

वहीं युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से फैंस का खूब मनोरंजन किया और 44 रन बनाए। ईस्ट जोन की बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों के योगदान ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

टीम इंडिया में वापसी के लिए मजबूत दावा

ईशान किशन लंबे समय से भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में दलीप ट्रॉफी फाइनल जैसी बड़ी घरेलू प्रतियोगिता में कप्तानी करते हुए दोहरा शतक लगाना उनके लिए बेहद अहम माना जा रहा है। किशन की इस पारी ने चयनकर्ताओं के सामने भी उनका दावा मजबूत किया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। खासकर विकेटकीपरबल्लेबाज के तौर पर भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

ऐसे में घरेलू क्रिकेट में लगातार बड़ी पारियां खेलना किशन के लिए वापसी का रास्ता खोल सकता है। ईस्ट जोन के लिए यह फाइनल इसलिए भी खास है क्योंकि टीम लंबे समय से दलीप ट्रॉफी खिताब का इंतजार कर रही है। किशन की दोहरी शतकीय पारी ने अब टीम को खिताब की दौड़ में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।