

अमेरका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका में दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले सभी सामानों पर लगभग 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने इस आदेश को अमेरिका के लिए आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा बताया है। इस दौरान ट्रंप चीन और पाकिस्तान को लेकर अधिक सख्ती दिखाई। उन्होंने चीन पर 34 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 37 और पाकिस्तान पर 29 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
वहीं, ट्रंप ने भारत से अमेरिका में आयात किए गए सामानों पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है। साथ ही चार्ट में दिखाया कि भारत अमेरिका पर 52 प्रतिशत टैक्स लगाता है।
टैरिफ की नई व्यवस्था घोषणा के तुरंत बाद लागू हो गई। उन्होंने इस अवसर को ‘मुक्ति दिवस’ बताया। उन्होंने कहा, “हमारा देश लूटा गया है। हमारी संपत्ति को चुराया गया है। दोस्त और दुश्मनों ने मिलकर किया है। वे हमें लूटते हैं, ये बहुत ही शर्मनाक है। अब हम जवाब देंगे।”
आपको बता दें कि व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने एक चार्ट दिखाया जिसमें भारत समेत उन देशों की सूची दी गई है जिन पर नए टैरिफ लगाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी आयात पर 52 प्रतिशत टैरिफ लगाता है।
किस देश पर कितना टैक्स:
चीन: 34 प्रतिशत
यूरोपीय संघ: 20 प्रतिशत
दक्षिण कोरिया: 25 प्रतिशत
भारत: 26 प्रतिशत
वियतनाम: 46 प्रतिशत
ताइवान: 32 प्रतिशत
जापान: 24 प्रतिशत
थाईलैंड: 36 प्रतिशत
स्विट्ज़रलैंड: 31 प्रतिशत
इंडोनेशिया: 32 प्रतिशत
मलेशिया: 24 प्रतिशत
कंबोडिया: 49 प्रतिशत
यूनाइटेड किंगडम: 10 प्रतिशत
दक्षिण अफ्रीका: 30 प्रतिशत
ब्राजील: 10 प्रतिशत
बांगलादेश: 37 प्रतिशत
सिंगापुर: 10 प्रतिशत
इजरायल: 17 प्रतिशत
फिलीपीन्स: 17 प्रतिशत
चिली: 10 प्रतिशत
ऑस्ट्रेलिया: 10 प्रतिशत
पाकिस्तान: 29 प्रतिशत
तुर्की: 10 प्रतिशत
श्रीलंका: 44 प्रतिशत
कोलंबिया: 10 प्रतिशत
कनाडा और मैक्सिको को छूट
कनाडा और मेक्सिको को अतिरिक्त शुल्क से छूट दी गई है। व्हाइट हाउस ने इस रियायत के लिए मौजूदा समझौतों का हवाला दिया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि कनाडा और मेक्सिको पर नए शुल्क लागू नहीं होंगे, क्योंकि इन देशों के साथ पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के तहत आदेश जारी हैं। इन आदेशों के तहत, USMCA समझौते के तहत आने वाले सामानों पर 0% शुल्क रहेगा, जबकि गैर-USMCA सामानों पर 25% शुल्क लगेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हर साल कनाडा को 200 अरब डॉलर देता है। उन्होंने कहा, ”आपको अपने लिए काम करना होगा। हम कई देशों को सब्सिडी देते हैं।”