Gazab Viral, Digital Desk- (Supreme Court Order) सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी सालाना वेतनवृद्धि (salary increment) के हकदार हैं, भले ही उनकी रिटायरमेंट (retirement) अगली दिन हो। यह निर्णय कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लि. (केपीटीसीएल) की अपील पर सुनाया गया। कंपनी ने याचिका में कर्नाटक उच्च कोर्ट (karnataka high court) की खंडपीठ के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि रिटायरमेंट होने के एक दिन पहले भी सरकारी कर्मचारी सालाना वेतनवृद्धि के हकदार हैं।
न्यायाधीश एम.आर. शाह और न्यायाधीश सी. टी. रविकुमार की पीठ ने केपीटीसीएल की याचिका खारिज (petition dismissed) करते हुए कहा कि अपीलकर्ता (केपीटीसीएल) की ओर से यह दलील दी गई है कि वार्षिक वेतनवृद्धि प्रोत्साहन के रूप में है और एक कर्मचारी को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर है। इसीलिए, जब वह सेवा में नहीं है, तो वार्षिक वेतनवृद्धि का कोई सवाल ही नहीं है। इस दलील का कोई मतलब नहीं है।
शीर्ष अदालत ने विभिन्न उच्च न्यायालयों (high courts) के विपरीत विचारों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय सुनाया है कि क्या एक कर्मचारी के वेतन में वार्षिक वृद्धि होनी चाहिए, यदि वह लाभ लेने के अगले दिन रिटायरमेंट हो रहा है। अदालत ने इस कानूनी प्रश्न पर अपने विचार प्रस्तुत किए और यह तय किया कि ऐसी परिस्थिति में कर्मचारी को वृद्धि का हकदार होना चाहिए या नहीं।
कोर्ट ने कहा, ”एक सरकारी कर्मचारी (government employees) को एक वर्ष की सेवा प्रदान करने के दौरान उसके अच्छे आचरण के आधार पर वार्षिक वेतनवृद्धि प्रदान की जाती है। अच्छे आचरण वाले अधिकारियों को सालाना वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाता है… वास्तव में एक वर्ष या निर्धारित अवधि में अच्छे आचरण के साथ सेवा प्रदान करने के लिए वेतनवृद्धि अर्जित की जाती है।”