Himachal Se: Sunil Gavaskar on Suryakumar Yadav Captaincy: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में हुए बड़े बदलाव के बाद क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। टी20 विश्व कप 2026 और एशिया कप 2025 में भारत को खिताब दिलाने वाले सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा दिया गया है, जबकि उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के इस फैसले पर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए हैं।

सूर्यकुमार यादव से कप्तानी छीनने पर गुस्से में सुनील गावस्कर, BCCI को सरेआम सुनाई खरी-खोटी​
सूर्यकुमार यादव से कप्तानी छीनने पर गुस्से में सुनील गावस्कर, BCCI को सरेआम सुनाई खरी-खोटी​

सूर्या को मिलना चाहिए था एक और मौका

सुनील गावस्कर का मानना है कि चयनकर्ताओं को कप्तानी में बदलाव करने से पहले सूर्यकुमार यादव को एक और मौका देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि 2028 टी20 विश्व कप और ओलंपिक खेलों में अभी काफी समय बाकी है। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज में सूर्यकुमार को कप्तान बनाए रखना एक बेहतर विकल्प हो सकता था।

गावस्कर के अनुसार, उस सीरीज के बाद टीम प्रबंधन और चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई अंतिम फैसला ले सकते थे। उनका मानना है कि इतने सफल कप्तान को अचानक जिम्मेदारी से हटाना उचित नहीं कहा जा सकता।

चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखकर लिया फैसला

हालांकि ने यह भी माना कि चयन समिति ने लंबी अवधि की योजना को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया होगा। उन्होंने कहा कि अगर बदलाव करना ही था तो चयनकर्ताओं ने समय रहते इसकी शुरुआत कर दी। सूर्यकुमार यादव की उम्र फिलहाल 35 से 36 वर्ष के बीच है और 2028 तक वह 38 वर्ष के हो जाएंगे।

ऐसे में चयनकर्ताओं ने संभवतः ऐसे खिलाड़ी को कप्तानी सौंपने का फैसला किया, जो अपेक्षाकृत युवा हो और भविष्य में लंबे समय तक टीम का नेतृत्व कर सके। गावस्कर ने कहा कि श्रेयस अय्यर के पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी का अनुभव भी मौजूद है, जो उनके पक्ष में जाता है।

कप्तानी ही नहीं, टीम से भी बाहर हुए सूर्या

इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी बात यह रही कि सूर्यकुमार यादव को सिर्फ कप्तानी से ही नहीं हटाया गया, बल्कि उन्हें भारतीय टी20 टीम के स्क्वॉड में भी जगह नहीं मिली। यह फैसला कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए हैरान करने वाला रहा, क्योंकि उनकी कप्तानी में भारत ने हाल के वर्षों में शानदार सफलता हासिल की थी।

का कप्तानी रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कुल 52 टी20 मुकाबलों में भारत का नेतृत्व किया, जिसमें टीम ने 42 मैचों में जीत दर्ज की। सिर्फ 8 मुकाबलों में हार मिली, जबकि 2 मैच टाई रहे। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 80.76 रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए शानदार आंकड़ा माना जाता है। ऐसे में उनकी कप्तानी समाप्त होने के फैसले पर चर्चा और बहस जारी है।